नरसिंहगढ़- कृषि उपज मंडी नरसिंहगढ़ में व्याप्त अव्यवस्थाओं और किसानों की भुगतान संबंधी गंभीर समस्याओं के चलते मंडी में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं ने मंडी परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने बताया कि नरसिंहगढ़ मंडी में किसान अपनी मेहनत की कमाई बेचने आते हैं, लेकिन उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। किसानों को उनकी उपज के बदले घंटों और दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे कांग्रेस प्रतिनिधियों ने शासन और प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं:
किसानों को उनकी उपज का मूल्य भुगतान तुरंत और नकद राशि में किया जाए। शासन द्वारा मंडी व्यापारियों को पर्याप्त नकद राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे किसानों का भुगतान समय पर कर सकें।
मंडी परिसर में किसानों के लिए पीने के पानी और भोजन की माकूल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
भुगतान के लिए किसानों को परेशान न होना पड़े, इसके लिए परिसर में ही ‘ऑन द स्पॉट’ भुगतान की प्रक्रिया लागू हो।नरसिंहगढ़ कृषि उपज मंडी को तत्काल प्रभाव से पूर्ण क्षमता के साथ चालू किया जाए।
धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा से ही अन्नदाता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि मंडी में अव्यवस्थाओं के कारण किसान लुट रहा है और शासन मूकदर्शक बना हुआ है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन न्यायोचित मांगों पर संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण उन्हें मंडी में न केवल अपनी फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे, बल्कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
फिलहाल, मंडी में कामकाज बंद रहने से व्यापार पूरी तरह प्रभावित है और मंडी परिसर में तनातनी का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन मांगों को मानकर मंडी को दोबारा सुचारू रूप से संचालित करवा पाता है।
नरसिंहगढ़ कृषि उपज मंडी में कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना: भुगतान और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कांग्रेस का हुंकार












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