नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
अनूपपुर 05 जून 2026/ प्रदेश में पहली बार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को नाम जोड़ने, कटवाने और नाम संशोधन के लिये ऑनलाइन सुविधा दी गयी। इस सुविधा का लाभ लेते हुए कुल 8317 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से नगरीय निकायों में 1496 और पंचायतों में 6848 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए। नगरीय निकायों में 675 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 770 नाम कटवाने और 24 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतों में 1701 आवेदन नाम जुड़वाने, 4960 नाम कटवाने और 187 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। अनूपपुर जिले में नगरीय निकायों के 27 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। जिसमें से 6 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 21 आवेदन नाम कटवाने के लिए प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
नगरीय निकाय एवं पंचायतों की मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम संशोधित, अब फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन 18 जुलाई को
अनूपपुर 5 जून 2026/ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने जानकारी दी है कि नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 के पूर्व में जारी कार्यक्रम में संशोधन किया गया है। अब प्रारूप मतदाता सूची में दावे-आपत्ति 15 जून तक लिये जायेंगे दावे-आपत्तियों का निराकरण 25 जून तक किया जायेगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 18 जुलाई को किया जायेगा। पूर्व में जारी कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 18 जून को होना था। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री श्रीवास्तव ने कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के लिये निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना सुनिश्चित करें।
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विशेष अभियान किया जा रहा है संचालित
अनूपपुर 5 जून 2026/ जिले में 05 जून से 21 जून 2026 के मध्य भारत सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत खजुरवार में 12 जून 2026 को दोपहर 3 बजे से जन कल्याण शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सभी प्रकार के हितग्राहीमूलक योजनाओं, सेवाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जाएगा तथा सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इसी प्रकार जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत जमुड़ी में 19 जून 2026 को प्रातः 11 बजे तथा जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत दारसागर में 20 जून 2026 को प्रातः 11 बजे से प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कृषि विशेषज्ञों/वैज्ञानिकों एवं अन्य अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रदर्शन एवं व्याख्यान सहित अन्य जानकारी प्रदान की जाएगी।
श्रम प्रहरी बन अपंजीकृत संस्थानों की दे जानकारी और श्रमिक कल्याण में करें योगदान
अनूपपुर 05 जून 2026/ कारखाना अधिनियम 1948 एवं भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित कार्यदशाएं एवं सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। श्रमिकों के हितों के संरक्षण एवं उनको कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए यह आवश्यक है, कि सभी संस्थानों एवं निर्माण स्थलों का पंजीयन श्रम विभाग अंतर्गत अनिवार्य रूप से हो।कारखाना अधिनियम 1948 यह प्रावधानित करता है, कि ऐसा कोई भी परिसर जहां 20 या अधिक श्रमिक विद्युत शक्ति के साथ अथवा या अधिक श्रमिक बिना विद्युत शक्ति के विनिर्माण कार्य में नियोजित है, उसे मुख्य कारखाना निरीक्षक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 के तहत नियोजक का यह दायित्व है, कि वह निर्माण कार्य प्रारभ करने से पूर्व निर्माण कार्य की सूचना अनिवार्य रूप से श्रम विभाग को उपलब्ध कराए।यह जानना आवश्यक है, कि पंजीकरण न होने की स्थिति में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ श्रमिकों को नहीं मिल पाता है। नियोजको का यह दायित्व ऐसी स्थिति में श्रमिक कल्याण हेतु है, कि समस्त संस्थाओं का पंजीयन किया जाए।कारखाना अधिनियम-1948 के अंतर्गत पंजीयन नहीं होने की स्थिति में नियोजक को अधिकतम 1 लाख का जुर्माना या 2 वर्ष तक की कारवास या दोनों की कार्यवाही की जा सकती है। इसी प्रकार निर्माण स्थलों का पंजीयन नहीं कराए जाने पर 2 हजार रूपए का जुर्माना या 3 माह तक कारावास या दोनों की कार्यवाही की जा सकती है।इस प्रकार, दंडात्मक कार्यवाही से बचाने के लिए सभी नियोजक अपनी संस्था एवं निर्माण कार्य का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें।श्रम प्रहरी के रूप में अब आमजन भी दे सकेंगे अपंजीकृत संस्थानों की सूचनाश्रम विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा आम नागरिकों की सुविधा एवं निर्माण कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान में प्रचलित एवं पंजीकृत निर्माण कार्यों एवं अति खतरनाक और अन्य कारखानों की ऑनलाइन जानकारी श्रम विभाग के पोर्टल https://labour.mp.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है।किसी भी अपंजीकृत स्थल पर कार्य संचालित पाया जाता है, तो श्रम प्रहरी के रूप में आम नागरिक इसकी सूचना श्रमिक हेल्पलाइन नंबर- 1800 233 8888 पर दे सकते हैं। नागरिकों द्वारा दी गई सूचना के आधार पर संबंधितो पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।












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