अनूपपुर 13 मई 2026/ इफको (IFFCO), सहकारिता विभाग और जिला सहकारी बैंक के संयुक्त तत्वावधान में अनूपपुर में एक दिवसीय जिला सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. के. यादव, प्रभारी उप संचालक कृषि वर्षा त्रिपाठी, इफको और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग और बैंक के विभिन्न अधिकारी, शाखा प्रबंधक और जिले की सभी सहकारी समितियों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
इस दौरान इफको और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने कृषि क्षेत्र की वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और भारत सरकार की नई उर्वरक नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना और मृदा स्वास्थ्य में सुधार लाना था। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों और समिति प्रबंधकों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका जैसे आधुनिक विकल्पों के सही उपयोग की विधि बताई। उन्होंने बताया कि इन जैव उर्वरकों के प्रयोग से न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि भूमि की उपजाऊ शक्ति भी लंबे समय तक सुरक्षित रहेगी। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली तकनीकों की जानकारी साझा की।
प्रभारी उप संचालक कृषि ने उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सभी सहकारी समितियों को निर्देशित किया कि खाद का वितरण अनिवार्य रूप से ई-टोकन और पी.ओ.एस. (POS) मशीन के माध्यम से ही किया जाए ताकि सभी किसानों को समान रूप से उर्वरक प्राप्त हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों ने समितियों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समितियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना और कृषकों को समय पर सही तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराना था।
