सफलता की कहानी, धान की सीधी बुवाई तकनीक से बदली किसान श्री तारन सिंह की तकदीर

अनूपपुर 8 मई 2026- जिला अनूपपुर के विकासखंड कोतमा अंतर्गत ग्राम डोंगरियाकला के प्रगतिशील किसान श्री तारन सिंह ने आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर सफलता की नई मिसाल प्रस्तुत की है। वे वर्षों से पारंपरिक रोपाई विधि से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत, समय तथा मजदूरों की समस्या बनी रहती थी। वर्ष 2024-25 में आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित किसान मेले में उन्होंने धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक की जानकारी प्राप्त की और इससे प्रेरित होकर अपने खेत में सीड ड्रिल मशीन द्वारा धान की बुवाई कराई।

डीएसआर तकनीक अपनाने से किसान की खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला। जहां पारंपरिक रोपाई में प्रति हेक्टेयर लगभग 12 से 15 हजार रुपये तक का खर्च आता था, वहीं सीधी बुवाई में यह लागत बहुत कम होकर लगभग 1200 रुपये प्रति हेक्टेयर रह गई। साथ ही समय पर बुवाई होने से फसल का विकास बेहतर हुआ तथा उर्वरकों का समुचित उपयोग भी संभव हो पाया।

इस तकनीक के कारण किसान को प्रति हेक्टेयर लगभग 5 क्विंटल अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त हुआ तथा कुल मिलाकर लगभग 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अतिरिक्त लाभ मिला। धान की फसल समय पर पकने से अब वे उसी खेत में रबी फसल भी आसानी से ले पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है।

किसान श्री तारन सिंह की यह सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। आधुनिक तकनीक अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाया जा सकता है।

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