अनूपपुर 16 जून 2026/ अनूपपुर जिले के विकासखंड जैतहरी के ग्राम पंचायत मेडियारास की निवासी मुमताज बेगम ने मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदल दी है। वर्ष 2015 से पहले उनका अधिकांश समय घरेलू कार्यों में बीतता था और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य थी। आज वे चार आजीविका गतिविधियों का सफल संचालन कर आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
सीआरपी अभियान के माध्यम से स्व-सहायता समूह की जानकारी मिलने पर उन्होंने 13 महिलाओं के साथ महक स्व-सहायता समूह का गठन किया और समूह की सचिव बनीं। समूह से पहली बार 20 हजार रुपये का ऋण लेकर मनिहारी व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद 30 हजार रुपये लेकर बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया, फिर 50 हजार रुपये से किराना दुकान प्रारंभ की। समूह के बैंक सीसीएल के माध्यम से एक लाख रुपये प्राप्त कर कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया और कारोबार का विस्तार किया।
पति के अस्वस्थ होने पर उन्होंने 50 हजार रुपये का ऋण लेकर नागपुर में उनका उपचार कराया। बाद में पुनः 50 हजार रुपये लेकर कपड़ों के व्यवसाय को और आगे बढ़ाया। इस प्रकार उन्होंने समूह से छह बार में कुल तीन लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, जिसमें से दो लाख 40 हजार रुपये वापस कर चुकी हैं तथा शेष राशि का भुगतान नियमित किश्तों में कर रही हैं। वर्ष 2025 में आजीविका मिशन के सहयोग से ग्रामीण बैंक मेडियारास से एक लाख रुपये का मुद्रा ऋण लेकर अपने व्यवसाय को और मजबूत बनाया।
वर्तमान में मुमताज मनिहारी, किराना, कपड़ा व्यवसाय और बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। इन गतिविधियों से उनकी मासिक आय लगभग 14 से 15 हजार रुपये हो गई है, जबकि बैंक सखी के रूप में उन्हें सालाना 30 से 35 हजार रुपये की अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। वे गांव में सीआरपी के रूप में महिलाओं को समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुमताज बेगम का मानना है कि आजीविका मिशन ने उन्हें आर्थिक मजबूती, सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास दिया है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि संगठित प्रयास, सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग से ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।












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