दक्षिण पन्ना वनमंडल के अंतर्गत आगामी वर्षाकालीन रोपण कार्यों को अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय सागौन स्टंप (रूटशूट) रोपण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वनपरिक्षेत्र रैपुरा में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सागौन रोपण की उन्नत तकनीकों से मैदानी अमले को अवगत कराना तथा रोपण की जीवितता दर (सर्वाइवल रेट) में वृद्धि सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में वन विकास निगम, कुंडम के अनुभवी वनपरिक्षेत्र अधिकारी श्री पी. वेणुगोपाल नायडू मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अक्षत जैन (भारतीय वन सेवा), उपवनमंडल अधिकारी पवई तथा विवेक कुमार जैन, वनपरिक्षेत्र अधिकारी रैपुरा भी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में रैपुरा, मोहंद्रा, पवई एवं सलेहा वनपरिक्षेत्रों के रोपण प्रभारी, परिक्षेत्र सहायक तथा रैपुरा वनपरिक्षेत्र के मैदानी एवं कार्यालयीन कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान नायडू ने सागौन स्टंप के वैज्ञानिक चयन, जड़ एवं तने के उपयुक्त अनुपात, क्रोबार डिग की मानक माप एवं दूरी, मृदा उपचार, दीमक नियंत्रण तथा खाद प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री एवं सही रोपण पद्धति के महत्व पर विशेष बल दिया।
प्रशिक्षण के व्यावहारिक सत्र में सभी प्रतिभागियों को फील्ड में ले जाकर सागौन स्टंप रोपण की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। वनकर्मियों से स्वयं गड्ढों की तैयारी एवं रोपण कार्य करवाया गया तथा रोपण उपरांत देखभाल एवं संरक्षण की तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों की तकनीकी जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे उन्हें कार्य के व्यावहारिक पहलुओं की बेहतर समझ प्राप्त हुई।
कार्यक्रम के समापन पर उपवनमंडल अधिकारी अक्षत जैन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक कुमार जैन ने सभी रोपण प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण में सीखी गई वैज्ञानिक तकनीकों का आगामी रोपण कार्यों में प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण मानसून सत्र के दौरान सागौन रोपण की गुणवत्ता एवं सफलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा दक्षिण पन्ना वनमंडल में वानिकी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।












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