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पन्ना | अनूप कुमार शुक्ला
पवई जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में वार्ड क्रमांक 18 से निर्वाचित जनपद सदस्य एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कमलेश तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पन्ना कलेक्टर के नाम जनपद पंचायत पवई के सीईओ को सौंपा।
त्यागपत्र में कमलेश तिवारी ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ में लंबे समय से व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताएं चल रही हैं। उनके अनुसार, इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दीं तथा मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी मुद्दा उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्य गुणवत्ता विहीन और मनमाने ढंग से संचालित हैं तथा पंचायत की व्यवस्था “निजी प्रभाव” में चल रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गंगासागर मोहल्ले में पानी की गंभीर समस्या के बीच बिना प्रस्ताव और ग्राम सहमति के शराब दुकान खोल दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष बढ़ा है। इसके अलावा खेत तालाब, बोल्डर चेक डैम जैसे विकास कार्यों में भी अनियमितताओं और कागजों तक सीमित योजनाओं का आरोप लगाया गया है।
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से आक्रोशित होकर उन्होंने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
इस्तीफा सौंपने के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय पवई में उनके समर्थक और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में पंचायत कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
गौरतलब है कि कमलेश तिवारी पिछले 26 वर्षों से जनप्रतिनिधि के रूप में सक्रिय हैं। वे पंच, उपसरपंच, सोसाइटी अध्यक्ष सहित भाजपा के विभिन्न संगठनात्मक पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
क्षेत्र में यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।