खरगोन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव खरगोन प्रवास के दौरान आज मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा इस अत्याधुनिक संयंत्र को भारत सरकार की CPSU Phase-II (Tranche-II) योजना के अंतर्गत लगभग 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया गया है। यह परियोजना न केवल इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
लागत, वित्तपोषण और तकनीक:
ग्राम समराज व आशुखेड़ी में स्थित इस परियोजना की कर रहित कुल लागत ₹271.16 करोड़ रुपए है, जिसमें 10 वर्षों की O&M राशि सम्मिलित है। परियोजना हेतु इंदौर नगर निगम को लगभग ₹42 करोड़ रुपए की वायबिलटी गैप फंडिंग तथा ₹244 करोड़ रुपए पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इस परियोजना का निर्माण 210.84 एकड़ भूमि में किया गया है तथा यह अत्याधुनिक DCR (Made in India) Mono PERC तकनीक पर आधारित है।
स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा:
परियोजना से उत्पादित विद्युत का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन एवं ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। इस संयंत्र की कमीशनिंग 03 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है तथा मार्च माह में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को लगभग ₹3.6 करोड़ रुपए की बचत हुई है। परियोजना से मासिक बचत ₹3 से 4 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के साथ पर्यावरण संरक्षण व कार्बन उत्सर्जन में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
