खलघाट/ नर्मदा नदी पर बने संजय सेतु ब्रिज पर पिछले पांच माह से पुल के गुटके बदलने कार्य चल रहा है साथ ही एक सेफ्टी ऐंगल भी लगाये जा रहे है। नेशनल हाईवे-52 मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग जो कि धार और खरगोन जिलों की सीमा पर स्थित संजय सेतु पुल पर लगे ऐंगल कही -कही झुके दिखाई देने लगे है। पिछले करीब 5 महीनों से यहां मेंटेनेंस कार्य जारी है। लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों व संकेतों के बोर्ड नही है।
पुल के किनारों पर लगी पुरानी रेलिंग कही जगह जर्जर हालत में है तो नई सेफ्टी ऐंगल भी कई जगह से झुकी और क्षतिग्रस्त नजर आ रही है। बार-बार विभाग को सूचित करने के बाद भी खामियों को अनदेखा किया जा रहा है। जिससे राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है मरम्मत कार्य के दौरान पुल संकरा होने के कारण यहा वाहन चालक अक्सर ओवरटेक करते हैं। जिससे अचानक संतुलन बिगड़ने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
ओवरटेक बना सबसे बड़ा खतरा
भारी वाहनों के बीच बाइक और छोटे वाहन ओवरटेक करते हैं। और झुकी नई सैप्टी एंगल के कारण जरा सी चूक भी दुर्घटना को बुलावा दे सकती है। जबकि स्थानीय लोगों की मांग है की तत्काल रेलिंग की मरम्मत सख्त बैरिकेडिंग व ओवरटेकिंग पर रोक और स्पष्ट चेतावनी संकेत बोर्ड लगाए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
क्या कहा इन्होने
बताया कि में पिछले 8 दिनों से बाहर हु इसलिए मुझे इसकी जानकारी नहीं थी आपके द्वारा मुझे जानकारी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश देकर जल्द ही समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
राकेश मंडलोई
टोल एरिया मैनेजर सेंधवा
संजय सेतु पर लगे सेफ्टी ऐंगल से हो सकती है दुर्घटना
