📰 पूरी खबर:
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां कोतमा थाना क्षेत्र के खमरोध गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रही एक मां और उसकी बेटी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है— "हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।" फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार शाम की है। मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी 24 वर्षीय बेटी पूनम रैदास के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मीरा रैदास अपने पति से अलग रहने के बाद अपने मायके में बेटी के साथ रह रही थीं। पति से भरण-पोषण राशि का मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह मां-बेटी कोतमा बाजार गई थीं, जहां से उन्होंने एक रस्सी खरीदी। इसके बाद दोनों गांव लौट आईं और शाम करीब चार बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित एक एकांत स्थान पर पहुंचीं। यहीं एक आम के पेड़ की दो अलग-अलग डालियों पर दोनों ने कथित तौर पर फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद जब ग्रामीणों की नजर पेड़ पर लटके शवों पर पड़ी तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के अनुसार, घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में मामला आर्थिक तंगी से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
सुसाइड नोट में लिखा है—
"हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।"
पुलिस ने इस नोट को जब्त कर जांच में शामिल कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, मीरा रैदास और उनके पति लंबे समय से अलग रह रहे थे। भरण-पोषण को लेकर न्यायालय में मामला लंबित है। वहीं बेटी पूनम रैदास ग्रेजुएट थीं और कंप्यूटर कोर्स कर रही थीं। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत विवेचना जारी है।
इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।