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अनूपपुर 08 जुलाई 2026- अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती प्रीति रमेश सिंह ने कहा है कि रैंप कंपोजिट एमएसएमई वर्कशॉप स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एमएसएमई क्षेत्र में अपार संभावनाएं, युवा बढ़-चढ़कर भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि छोटे, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके सशक्त होने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और नव उद्यमियों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने उद्योग स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों को नए अवसरों, तकनीकी जानकारी और व्यवसाय विस्तार की दिशा में प्रेरित करेगी। अध्यक्ष जिला पंचायत समिति प्रीति रमेश सिंह आज स्थानीय होटल में आयोजित रैंप कंपोजिट एमएसएमई कार्यशाला एवं दो दिवसीय शिविर को संबोधित कर रही थी।
कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा कि रैंप कंपोजिट एमएसएमई वर्कशॉप युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का एक सशक्त एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर युवा बेहतर एवं कुशल तरीके से रोजगार स्थापित कर सकते हैं। रैंप कंपोजिट एमएसएमई कार्यशाला युवाओं को उद्यमिता, कौशल विकास तथा रोजगार के नए अवसरों की जानकारी देने का उत्कृष्ट मंच है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग एवं रैंप के संयुक्त प्रयासों से जिले के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जाए, ताकि अनूपपुर जिले में संचालित विभिन्न थर्मल पावर प्लांटों तथा मोजर बेयर जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त हो सकें।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र श्री राममूर्ति खरे एवं मैनेजर डीआईसी सुश्री प्रियंका सोनी सहित अन्य अधिकारियों ने रैंप कंपोजिट एमएसएमई वर्कशॉप के उद्देश्य, स्वरोजगार एवं उद्योग संवर्धन से जुड़ी योजनाओं तथा एमएसएमई क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर नए उद्यम स्थापित करने, व्यवसाय का विस्तार करने तथा तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया।
कार्यशाला में भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर श्री आर.के. दलेला तथा स्व-सहायता समूहों के लिए मास्टर ट्रेनर श्री हर्षित जोशी ने प्रतिभागियों को एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्टार्टअप स्थापित करने की प्रक्रिया, एमएसएमई एवं स्टार्टअप पॉलिसी, उद्यम पंजीयन, जेम पोर्टल, जीआई टैगिंग, क्रेडिट लिंकेज, ZED सर्टिफिकेट,वित्तीय साक्षरता एवं सरकारी सहायता योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही संभावित उद्योगों, स्वरोजगार के अवसरों, स्व-सहायता समूहों की भूमिका, व्यापार विस्तार और विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। प्रशिक्षकों ने युवाओं, नव उद्यमियों, व्यापारियों एवं अन्य हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने और सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में जिला परियोजना प्रबंधक एनआरएलएम श्री शशांक सिंह, सहायक प्रबंधक श्री निहाल धुर्वे, श्री जयप्रकाश अग्रवाल, श्री विवेक बियानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, युवा, उद्यमी, उद्योगपति तथा अन्य हितग्राहियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने एमएसएमई एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर विशेषज्ञों से संवाद किया तथा उद्योग स्थापना एवं व्यवसाय विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त किया।