📰 पूरी खबर:
कसरावद। शुक्रवार को सकल जैन समाज के तत्वावधान में रीवा सड़क दुर्घटना में हुई आर्यिका माताजी की दुखद मृत्यु के विरोध में एवं जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पूर्व समाजजनों ने नगर में मौन रैली निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन का वाचन दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष अविनाश जैन ने किया। ज्ञापन में बताया गया कि जैन मुनि एवं आर्यिकाएं पैदल विहार करते हुए देशभर में धर्म प्रचार का कार्य करते हैं। रीवा में पूज्य आर्यिका माताजी की सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु से सम्पूर्ण जैन समाज में गहरा आक्रोश और चिंता व्याप्त है।
समाजजनों ने विगत वर्षों में साधु-संतों के साथ हुई दुर्घटनाओं, दुर्व्यवहार एवं आपराधिक घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान के तहत विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस संरक्षण, विशेष हेल्पलाइन की शुरुआत, राज्य एवं जिला स्तर पर “संत सुरक्षा प्रकोष्ठ” का गठन, विहार मार्गों पर यातायात नियंत्रण एवं सुरक्षा निर्देश जारी करने, जैन तीर्थ क्षेत्रों की सुरक्षा बढ़ाने तथा रीवा दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग शामिल रही।
इस अवसर पर दिगम्बर जैन समाज के बालसमुद, खामखेड़ा, बामंदी, लोहारी, साटकूर एवं बरसलाय के समाजजन उपस्थित रहे। साथ ही भारतीय जैन संगठन अध्यक्ष सचिन जैन, सचिव संजय जैन, दिवाकर विचार मंच महिला शाखा प्रदेश उपाध्यक्ष नमिता लुनिया, जैन श्वेतांबर श्रीसंघ अध्यक्ष तिलोकचंद कवाड़, अंतर्राष्ट्रीय पौडवाड़ सामाजिक मंच अध्यक्ष नगीन धनोंते सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।