📰 पूरी खबर:
धार जिले के खलघाट फोरलेन चौराहे पर जलभराव और गड्ढों की समस्या एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हालात ऐसे हैं कि यहां यह समझना मुश्किल हो जाता है कि गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे। वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान की मांग लगातार उठ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। पेश है हमारे संवाददाता नरेंद्र चौहान की यह रिपोर्ट।
अभी मानसून की शुरुआत भी नहीं हुई है, लेकिन धार जिले के खलघाट फोरलेन चौराहे पर जलभराव के दृश्य आम हो गए हैं। क्षेत्र के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर भरे पानी और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से चौराहे पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी और गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। कई बार मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
फोरलेन चौराहे से लेकर नर्मदा पुल तक होटल, दुकानें और रहवासी क्षेत्र मौजूद हैं। यहां का गंदा और बरसाती पानी सड़क से होकर गुजरता है और अंततः नर्मदा नदी में मिल जाता है। इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों और यात्रियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या के समाधान को लेकर विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आते हैं। कोई इसे फोरलेन टोल प्लाजा कंपनी का क्षेत्र बताता है तो कोई ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी। इस खींचतान के बीच आम जनता ही सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।
खलघाट चौराहे पर जलभराव और खराब सड़क के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये का टोल टैक्स वसूला जाता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ भी दिखाई नहीं देता। रात के समय चौराहा अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देते हैं और खलघाट की जनता को जलभराव, गड्ढों और अव्यवस्थाओं से कब राहत मिलती है।