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पन्ना के दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत रैपुरा वन परिक्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। वन विभाग द्वारा “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत मधुमक्खियों और छोटे वन्यजीवों के लिए विशेष जल व्यवस्था की गई है।
रैपुरा रेंज की सागौनी, भरतला, चमरैया, जमुनिया और बघनरवा बीटों में पारंपरिक जल स्रोत “झिरिया” का निर्माण और पुरानी झिरियों की मरम्मत युद्धस्तर पर की गई। इससे भीषण गर्मी में भी जंगलों में पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
वन विभाग ने मधुमक्खियों को सुरक्षित पानी पिलाने के लिए जल स्रोतों में छोटे पत्थर और सूखी लकड़ियां रखी हैं, ताकि मधुमक्खियां उन पर बैठकर बिना डूबे पानी पी सकें। इस अनोखी पहल से प्रतिदिन हजारों मधुमक्खियों की जान बचाई जा रही है।
मधुमक्खियां पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। ऐसे में यह अभियान केवल जल संरक्षण ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण का भी बड़ा संदेश दे रहा है।
इस कार्य में वनरक्षक रजनीश चौरसिया, प्रेमशंकर सिंह, धीरेन्द्र सिंह और सतीश द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसकी स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।