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भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में 22 मई 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय जैवविविधता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैवविविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमंडल को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
दक्षिण पन्ना वनमंडल को “जैवविविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान गिद्ध संरक्षण, जैवविविधता अभिलेखीकरण और जनभागीदारी आधारित नवाचारों के लिए दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि रहे, जबकि IIFM भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
दक्षिण पन्ना की ओर से वनमंडलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई नीतेश पटेल और वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा परिवेश भदौरिया ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। चयन जिला कलेक्टर उषा परमार और वनमंडलाधिकारी की अनुशंसा पर किया गया।
वनमंडल द्वारा गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं, जिसमें “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, प्रतिबंधित दवाइयों पर नियंत्रण और सतत मॉनिटरिंग शामिल है। इन प्रयासों के चलते गिद्धों की संख्या वर्ष 2021 में 614 से बढ़कर 2025-26 में 1127 तक पहुंच गई।
इसके अलावा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों और विरासत वृक्षों का व्यापक अभिलेखीकरण किया गया है। साथ ही सर्पदंश जागरूकता के लिए “सांप-सीढ़ी आधारित शैक्षणिक खेल” जैसे नवाचार भी लागू किए गए, जिससे ग्रामीणों और बच्चों में जागरूकता बढ़ी।
व्यक्तिगत श्रेणी में वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार तथा वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दक्षिण पन्ना वनमंडल की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।