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देवास जिले में सड़क सुरक्षा और राहत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने एक नई मिसाल कायम की है। आज जिला देवास को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जिला माना जा रहा है।
देवास में पिछले एक वर्ष के दौरान प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं।
जिले में “हिट एंड रन योजना” के तहत 68 सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवारों को लगभग 61 लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में प्रदान की गई है। कुल 130 प्रकरणों का प्रभावी निराकरण करते हुए देवास ने इस योजना में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
सड़क दुर्घटनाओं में गोल्डन ऑवर के दौरान सहायता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई “राह वीर योजना” में भी देवास जिले ने शानदार प्रदर्शन किया है।
14 प्रकरण शासन को भेजे गए, जिनमें से 4 नागरिकों को “राह वीर” के रूप में सम्मानित किया गया तथा उन्हें प्रशंसा पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
वहीं प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत 200 से अधिक घायलों का निशुल्क उपचार किया गया, जिनमें से 150 से अधिक लोग स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत और मृत्यु दर में 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
इस पूरे अभियान में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में “360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल” लागू किया गया, जिसके तहत सड़क इंजीनियरिंग सुधार, जन-जागरूकता अभियान, हेलमेट वितरण और नियमित समीक्षा बैठकें शामिल रहीं।
ऋतुराज सिंह और पुनीत गेहलोत के नेतृत्व में यह अभियान लगातार प्रभावी रूप से चलाया गया।
प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह हर उस परिवार की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा है, जिसकी किसी हादसे में क्षति हुई है या जिसे बचाया गया है।
देवास जिले की यह पहल अब पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बनकर उभरी है।
तो यह था देवास जिले का सड़क सुरक्षा और राहत योजनाओं में ऐतिहासिक प्रदर्शन… जो अब प्रदेश में एक रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।