📰 पूरी खबर:
दक्षिण पन्ना वनमण्डल अंतर्गत वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। वनमण्डल को इस वर्ष 17,430 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 17,625 मानक बोरा संग्रहण किया जा चुका है, अर्थात निर्धारित लक्ष्य का लगभग 101 प्रतिशत से अधिक संग्रहण पूर्ण हो चुका है। वन विभाग द्वारा ग्रामीण एवं आदिवासी संग्राहकों को अधिकाधिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तेंदूपत्ता क्रेताओं से संवाद कर लक्ष्य से अधिक तेंदूपत्ता क्रय करने का अनुरोध भी किया गया है, ताकि अधिक संग्रहण का लाभ सीधे स्थानीय संग्राहकों तक पहुंच सके।
इस वर्ष दक्षिण पन्ना में तेंदूपत्ता लॉट्स की नीलामी में ऐतिहासिक रूप से सर्वाधिक दरें प्राप्त हुई हैं। पहली बार औसत ऑक्शन दर ₹5000 प्रति मानक बोरा से ऊपर पहुंची है तथा वर्ष 2026 में औसत विक्रय दर लगभग ₹5261 प्रति मानक बोरा दर्ज की गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक रही है। बेहतर गुणवत्ता वाले बीड़ी योग्य पत्तों, शाख कर्तन कार्यों में सुधार तथा पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के कारण यह उपलब्धि संभव हो सकी है। इन रिकॉर्ड दरों का सीधा लाभ भविष्य में बोनस एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में ग्रामीण एवं आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्राप्त होगा।
तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु वन विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी अमले द्वारा संग्रहण केंद्रों (फड़ों) का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही, तेंदूपत्ता क्रेताओं के साथ नियमित ऑनलाइन समीक्षा एवं समन्वय बैठकें आयोजित कर संग्रहण एवं परिदान की सतत निगरानी की जा रही है।
वहीं, तेंदूपत्ता चोरी एवं अवैध तुड़ाई पर नियंत्रण हेतु दक्षिण पन्ना वनमण्डल के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में सघन गश्त एवं निगरानी अभियान भी चलाया गया था। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को कच्चे एवं अपरिपक्व पत्तों की तुड़ाई से बचने, निर्धारित नियमों के अनुसार ही संग्रहण करने तथा अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल विभाग को देने के संबंध में जागरूक किया गया था।