📰 पूरी खबर:

मछलीपालक किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, जलीय कृषि बीमा योजना का लाभ हेतु कराए ऑनलाइन पंजीयन, प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना के तहत मत्स्यपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच

​​अनूपपुर 29 मई 2026 /‌ जिले के मछलीपालक किसानों और मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। 'प्रधानमंत्री मत्स्य कृषक समृद्धि सह योजना' के अंतर्गत अब जिले के मत्स्यपालकों को जलीय कृषि बीमा योजना का सीधा लाभ दिया जाएगा। मछलीपालन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल पोर्टल पर बीमा उत्पाद लाइव कर दिए गए हैं, जहाँ किसान ऑनलाइन पंजीयन कर सीधे एकमुश्त प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मछलीपालन विभाग ने बताया कि इस बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्यपालकों को प्राकृतिक आपदाओं, अप्रत्याशित बीमारियों अथवा अन्य जलीय जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है। योजना के अंतर्गत किसानों को बड़ी राहत देते हुए बीमा प्रीमियम का 40 प्रतिशत भाग भारत सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप स्वयं वहन किया जाएगा। यह योजना प्रति किसान अधिकतम 4 हेक्टेयर जलक्षेत्र तक के लिए मान्य होगी। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान अपने पारंपरिक तालाबों के साथ-साथ आधुनिक मछलीपालन तकनीकों जैसे केज कल्चर, बायोफ्लॉक और आरएएस (RAS) के पूरे स्ट्रक्चर (ढांचे) का भी बीमा करा सकते हैं। विभाग जिले में मछलीपालन को अधिक संगठित, सुरक्षित और लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। योजना के संबंध में किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या तकनीकी मार्गदर्शन के लिए इच्छुक किसान जिला मछलीपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं अथवा राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के टोल-फ्री नंबर 18004251660 पर कॉल कर सकते हैं।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला मार्ग सहित सभी सड़कों पर होने वाले हादसों पर मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा

अनूपपुर 29 मई 2026/सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने के लिए केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बेहद संवेदनशील और महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। सरकार द्वारा 'प्रधानमंत्री राहत योजना' के तहत अब सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए (डेढ़ लाख रुपए) तक के नि:शुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना को फरवरी 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। अक्सर देखा जाता है कि दुर्घटना के बाद शुरुआती कीमती समय (गोल्डन ऑवर) में पैसों के अभाव या औपचारिकता के कारण इलाज में देरी हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए योजना के तहत अब पीड़ित व्यक्ति या उसके परिजनों को अस्पताल में इलाज के लिए तुरंत पैसे देने की आवश्यकता नहीं होगी। दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को अस्पताल में अधिकतम निर्धारित दिनों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा। यह योजना केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक ही सीमित नहीं है। जिले या देश के किसी भी कोने में, चाहे वह नेशनल हाईवे हो, स्टेट हाईवे हो या फिर आंतरिक जिला सड़कें हों, सभी प्रकार के मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ित इस कैशलेस उपचार सुविधा के पात्र होंगे। योजना के जमीनी स्तर पर सफल और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करेगी। योजना को पूरी तरह डिजिटल और त्वरित बनाने के लिए ई-डार (e-DAR) पोर्टल के माध्यम से इसकी लाइव निगरानी की जा रही है। दुर्घटना होते ही पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीड़ित एवं घटना से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां इस पोर्टल पर तुरंत दर्ज की जाती हैं। डिजिटल डेटा शेयरिंग की इस व्यवस्था से पीड़ित को बिना किसी कागजी देरी के, सही समय पर जीवन रक्षक उपचार सहायता मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।