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देवास। वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं उज्जैन संभाग डॉ. एम.के. जोशी ने सोमवार को जिला चिकित्सालय देवास का आकस्मिक निरीक्षण कर विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, औषधि वितरण केंद्र, इंजेक्शन कक्ष, उमंग केंद्र, एक्स-रे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, एसएनसीयू, मैटरनिटी विंग एवं लेबर रूम का विस्तृत निरीक्षण किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान डॉ. जोशी ने इमरजेंसी रूम में चिकित्सकों से सीपीआर एवं ट्राईएज व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के लिए उपलब्ध पेयजल व्यवस्था एवं केंद्रीकृत आरओ प्लांट का निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
ओपीडी निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग काउंटर डिस्प्ले लगाने के निर्देश दिए गए। एक्स-रे एवं सीटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण में उन्होंने स्पष्ट किया कि इन जांचों की अनुशंसा केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ही की जानी चाहिए।
सर्जिकल ऑपरेशन थिएटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऑपरेशन थिएटर प्रभारी नियुक्त करने, संभावित ऑपरेशन मरीजों की सूची उपलब्ध रखने तथा कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. जोशी ने फायर सेफ्टी व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों से फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन एवं आपातकालीन परिस्थितियों में उसके उपयोग की जानकारी प्राप्त की तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आकलन किया।
औषधि वितरण केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, इंजेक्शन कक्ष में बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के पालन तथा सिरिंज डिस्पोजल प्रक्रिया की जानकारी भी ली गई। महिला सर्जिकल वार्ड एवं मनोरोग विभाग में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उपचार संबंधी फीडबैक प्राप्त किया गया।
एसएनसीयू के निरीक्षण के दौरान डॉ. जोशी ने बच्चों की बेड ऑक्युपेंसी, रेफरल, डिस्चार्ज दर, रजिस्टर संधारण एवं ई-शिशु पोर्टल की जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने केस शीट एवं रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने तथा चिकित्सकीय उपकरणों के सुचारू संचालन के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एक भर्ती नवजात शिशु के मामले की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने लेबर रूम की स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, कल्चर जांच एवं फ्यूमिगेशन की प्रक्रिया को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त स्टाफ को हाइजीन संबंधी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
डॉ. जोशी ने सभी वार्डों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, मशीनों के नियमित रखरखाव, साफ-सफाई व्यवस्था तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर नहीं किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रिपोर्टर : दिलीप सोलंकी
स्थान : देवास