📰 पूरी खबर:
अनूपपुर में जिला प्रशासन के कथित दोहरे रवैये को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि 11 मई 2026 को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर दो माह के लिए प्रतिबंध लगाया गया था।
इसके बावजूद 25 मई को जनपद पंचायत अनूपपुर के उपाध्यक्ष एवं विधायक पुत्र द्वारा जनपद सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर घंटों धरना दिया गया, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। आरोप है कि इस दौरान प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान दिया गया।
वहीं 1 जून को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित घेराव कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तेज गर्मी और लगभग 42 डिग्री तापमान के बीच कार्यकर्ताओं को घंटों सड़क पर रोका गया तथा उन पर पानी की बौछार भी की गई। साथ ही पुलिस अधीक्षक से मुलाकात के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ा।
कांग्रेस का कहना है कि एक ही आदेश के तहत अलग-अलग समूहों के साथ अलग व्यवहार किया गया, जो प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि संविधान और कानून सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होने चाहिए।
हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।