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एक तरफ नगर में पेट्रोल डीजल की किल्लत, दूसरी ओर पेड़ पौधे वाली बाड़ियों को तोड़ने में फूंक दिया कई लीटर तेल
अमरकंटक । वार्ड 14 में उस वक्त लोग सहम गए जब नगर परिषद अमरकंटक द्वारा अचानक बिना सूचना दिए लोगों की बाड़ियों पर जेसीबी चलने लगी आरोप है कि नगर परिषद की कार्रवाई के दौरान कई झुग्गी-झोपड़ियों के साथ-साथ ऐसे मकानों और बाड़ियों को भी तोड़ा गया, जिनके मालिक उस समय घर पर मौजूद नहीं थे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद की यह कार्रवाई एकतरफा प्रतीत होती है। उनका आरोप है कि नगर में कई स्थानों पर बड़े और स्थायी निर्माण कार्य जारी हैं, लेकिन कार्रवाई का केंद्र गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के घर और बाड़ियां बन रही हैं। कुछ परिवारों ने दावा किया कि वे रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से बाहर गए थे और वापस लौटने पर उन्हें अपने घरों व बाड़ियों को क्षतिग्रस्त अवस्था में पाया।
नगर परिषद की कार्रवाई के दौरान झुग्गी-झोपड़ियों, सुने घर और बाड़ियां पर बुलडोजर चलाया गया ! कुल 7 घर जेसीबी से तोड़ दिए गए इस कार्रवाई को लेकर एक और सवाल उठ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार अमरकंटक क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर परेशानी बनी हुई है। ऐसे समय में अतिक्रमण हटाने के लिए घंटों तक जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, लगभग 6 घंटे तक जेसीबी चलने पर 50 से 60 लीटर तक डीजल की खपत होती है। लोगों का कहना है कि जब ईंधन की किल्लत बनी हुई है, तब केवल बाड़ियों और छोटे निर्माणों को तोड़ने के लिए इतनी मात्रा में डीजल खर्च करना भी चर्चा का विषय बना हुआ है।