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नटेरन। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत नटेरन जनपद पंचायत की 84 ग्राम पंचायतों में कराए गए हितग्राही मूलक एवं सामुदायिक निर्माण कार्यों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। स्थिति यह है कि शासन से भुगतान आदेश जारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी हितग्राहियों तक राशि पहुंचाने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इससे हजारों ग्रामीण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार लगभग एक माह पूर्व नटेरन जनपद पंचायत को करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपये के भुगतान आदेश प्राप्त हुए थे, लेकिन अब तक मात्र 30 लाख रुपये के आसपास ही हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंच सकी है। जबकि केवल "एक बगिया मां के नाम" एवं पानी संरक्षण संरचनाओं के हितग्राहियों का ही लगभग 41 लाख रुपये का भुगतान लंबित है।
इसके अलावा कूप निर्माण, तालाब निर्माण, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के हितग्राहियों का करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हुआ है। जानकारी के अनुसार केवल कूप निर्माण कार्यों का ही 60 लाख रुपये से अधिक का भुगतान होना बाकी है। वहीं विभिन्न ग्राम पंचायतों में पूर्ण हो चुके तालाब निर्माण और अन्य विकास कार्यों की राशि भी लंबे समय से अटकी हुई है।
दो साल पहले पूरे हुए काम, आज तक नहीं मिला भुगतान
सबसे अधिक परेशानी उन ग्रामीणों को हो रही है जिन्होंने अपनी जमीन पर मनरेगा के तहत कूप निर्माण, तालाब निर्माण और जल संरक्षण के कार्य दो-दो वर्ष पहले पूरे कर लिए थे। कई हितग्राहियों ने निर्माण कार्य पूरा करने के लिए निजी उधार लिया, मजदूरों को भुगतान किया और निर्माण सामग्री खरीदी, लेकिन शासन की राशि आज तक नहीं मिली।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर भुगतान न मिलने के कारण उन्हें कर्ज का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। कई परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और बार-बार जनपद पंचायत तथा जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
जनसुनवाई में पहुंची शिकायतें
हाल ही में पीपलधार और भीलखेड़ी ग्राम पंचायत के हितग्राही अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि कूप निर्माण कार्य पूरे हुए दो वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन भुगतान नहीं मिला। हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि बार-बार आवेदन और शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
जनसुनवाई में अधिकारियों ने जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते रहे हैं, जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
सवालों के घेरे में जनपद पंचायत
मनरेगा के तहत लंबित भुगतान अब नटेरन जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
नीतेश नामदेव की रिपोर्ट