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देवास जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नेमावर में सोमती अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अनुमानित 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मां नर्मदा में स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। लेकिन बढ़ती भीड़ के सामने प्रशासनिक व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हुईं।
नगर से लेकर दुलवा तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कई श्रद्धालु करीब तीन घंटे तक जाम में फंसे रहे। तपती गर्मी और उमस के बीच महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्रद्धालुओं का कहना है कि हर वर्ष सोमती अमावस्या पर बड़ी संख्या में लोग नेमावर पहुंचते हैं, इसके बावजूद यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर्याप्त नहीं दिखाई दी। जाम के कारण कई लोगों को घाट तक पहुंचने में भी काफी देर लगी।
हालांकि श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और उन्होंने मां नर्मदा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। लेकिन इस दौरान नेमावर में व्यवस्थाओं की पोल भी खुलती नजर आई।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब हर साल इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेमावर पहुंचते हैं, तो क्या प्रशासन को पहले से बेहतर तैयारियां नहीं करनी चाहिए थीं?