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अनूपपुर 18 जून 2026/जिले के पशुपालकों के लिए 'पशुधन संजीवनी योजना' के तहत संचालित चलित पशु चिकित्सा इकाई (मोबाइल एम्बुलेंस) वरदान साबित हो रही है। इस सेवा के जरिए अब बीमार पशुओं को अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि डॉक्टर खुद पशुपालक के घर पहुँच रहे हैं।

​योजना के तहत एम्बुलेंस में तैनात पशु चिकित्सक और सहायक, आवश्यक दवाओं और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँचते हैं। इस सेवा के माध्यम से बीमार पशुओं के इलाज के साथ-साथ मौके पर ही टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की सेवाएं भी दी जा रही हैं।

​इस घर पहुँच सेवा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करना होता है। कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज होते ही जीपीएस के माध्यम से नजदीकी एम्बुलेंस को पशुपालक के घर के लिए रवाना कर दिया जाता है। यह सेवा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक चालू रहती है।

​शासन द्वारा इस आपातकालीन सेवा के लिए बहुत ही नाममात्र का शुल्क तय किया गया है। योजना के अंतर्गत गाय और भैंस के सभी प्रकार के उपचार व सेवाओं के लिए 150 रुपये तथा कुत्ते व बिल्ली के इलाज के लिए 300 रुपये का शुल्क निर्धारित है।

​पशु चिकित्सा विभाग ने जिले के सभी किसानों और पशुपालकों से अपील की है कि पशुओं के बीमार होने पर बिना देरी किए टोल फ्री नंबर 1962 पर सूचना दें, ताकि समय पर एम्बुलेंस बुलाकर पशुधन की रक्षा की जा सके।