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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अमरकंटक के मैकल पार्क में आयोजित होगा जिला स्तरीय कार्यक्रम

अनूपपुर 18 जून 2026/ 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगामी 21 जून को पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित मैकल पार्क में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम प्रातः 6 बजे से प्रारंभ होकर 7:45 बजे तक संचालित होगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पुष्पराजगढ़ श्री वसीम भट्ट को नोडल अधिकारी तथा जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री उमेश पाण्डेय को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दायित्व सौंपे गए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं निरोग जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है। योग दिवस का यह आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा।

नशामुक्त भारत अभियान, अनूपपुर में 24 जून को मास्टर ट्रेनर्स और वॉलिटियर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण

अनूपपुर 18 जून 2026/ ​नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अनूपपुर जिले में नशामुक्ति के विरुद्ध जनजागरूकता को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए आगामी 24 जून 2026 को प्रातः 11:00 बजे से एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण जिला पंचायत सभागार अनूपपुर में आयोजित होगा, जिसमें जिले के सभी मास्टर ट्रेनर्स और वॉलिटियर्स अनिवार्य रूप से सहभागिता करेंगे। ​उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाल्मी भोपाल द्वारा गठित विशेष समिति के विषय-विशेषज्ञों द्वारा मास्टर ट्रेनर्स और वॉलिटियर्स को नशामुक्ति के प्रति समाज को जागरूक करने, काउंसलिंग तकनीकों और जमीनी स्तर पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले में नशामुक्त भारत अभियान को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये मास्टर ट्रेनर्स और वॉलिटियर्स जिले के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर नशामुक्ति के विरुद्ध वातावरण निर्मित करेंगे तथा युवाओं व आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे। विभाग द्वारा जिले के समस्त नामांकित मास्टर ट्रेनर्स और वॉलिटियर्स को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करना सुनिश्चित करें, ताकि जिले को नशामुक्त बनाने के इस पुनीत कार्य को पूर्ण गति से आगे बढ़ाया जा सके।

उपचार हेतु कलेक्टर ने 50 हजार रुपये के आर्थिक सहायता के आहरण की दी मंजूरी

अनूपपुर 18 जून 2026/ कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने जिले के बिजुरी निवासी श्री राजकुमार गुप्ता के उपचार हेतु मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से स्वीकृत 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि के आहरण एवं संवितरण की मंजूरी प्रदान की है।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने अनूपपुर और जैतहरी में आयोजित होंगी कार्यशालाएं

अनूपपुर 18 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) तक संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विकास एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यशालाएं 19 जून 2026 को प्रातः 11 बजे जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुड़ी में तथा 20 जून 2026 को प्रातः 11 बजे जनपद पंचायत अनूपपुर की ग्राम पंचायत दारसागर में आयोजित की जाएंगी। कार्यशालाओं में कृषि विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों एवं अनुभवी कृषकों द्वारा प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, इसके लाभों तथा व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे इन कार्यशालाओं में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर प्राकृतिक खेती संबंधी नवीन जानकारियां प्राप्त करें तथा कम लागत, अधिक लाभ और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विभाग का मानना है कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता और जैव विविधता के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रही है।