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अनूपपुर पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में बिजुरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया है।

थाना बिजुरी में फरियादी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री 12 मई 2026 की रात को बिना बताए कहीं चली गई है । जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अपराध क्र. 210/2026, धारा 137(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

नाबालिग की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक के आदेश पर विशेष टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि पीड़िता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर हुई दोस्ती के कारण उक्त आरोपी के बहकावे में आकर उसके साथ गई थी।
सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल टावर लोकेशन का गहन विश्लेषण कर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बेलखेड़ा, जबलपुर से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब कर लिया।
मौके से आरोपी प्रदीप महरा ,निवासी दमोह को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने पुलिस की तत्परता पर आभार व्यक्त किया।

विशेष अपील --

इस घटना के परिप्रेक्ष्य में अनूपपुर पुलिस ने आम जनता और अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स (जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि) की गतिविधियों पर निरंतर नजर रखें। सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों से दोस्ती या असावधानी के कारण बच्चे बहकावे में आ सकते हैं, जिससे उनके साथ गंभीर अपराध घटित होने की संभावना बनी रहती है। बच्चों को जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक विकास सिंह (थाना प्रभारी बिजुरी), सउनि प्रदीप अग्निहोत्री, आरक्षक मनोज उपाध्याय, महिला आरक्षक संगम तोमर तथा सायबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार एवं आरक्षक पंकज मिश्रा की उल्लेखनीय व सराहनीय भूमिका रही।