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मध्यप्रदेश कांग्रेस में क्या सब कुछ ठीक नहीं चल रहा…? क्या राज्यसभा चुनाव में हुए बड़े विवाद के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है…? और क्या दिल्ली हाईकमान इस पूरे घटनाक्रम से नाराज बताया जा रहा है…? राजनीतिक गलियारों में इन सवालों की चर्चा तेज हो गई है।

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी Meenakshi Natarajan का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। कांग्रेस लगातार भाजपा और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, लेकिन पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर हुई तैयारियों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में बैठे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पूरे मामले की जानकारी तलब की है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में ऐसी स्थिति कैसे बनी, जिससे कांग्रेस को बिना चुनाव लड़े ही हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रहा है। पार्टी के अंदर यह चर्चा भी है कि यदि संगठनात्मक स्तर पर किसी प्रकार की चूक सामने आती है तो जवाबदेही तय की जा सकती है। ऐसे में सबसे ज्यादा निगाहें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर टिकी हुई हैं, क्योंकि प्रदेश संगठन की कमान उनके हाथों में है।

हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जरूर है कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली हाईकमान की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

फिलहाल यह साफ है कि राज्यसभा चुनाव का यह विवाद सिर्फ एक चुनावी हार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने मध्यप्रदेश कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और नेतृत्व को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि दिल्ली हाईकमान इस पूरे मामले में क्या फैसला लेता है और क्या जीतू पटवारी की मुश्किलें आगे और बढ़ती हैं या नहीं।