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अनूप कुमार शुक्ला
पन्ना। क्षेत्रीय सांसद डॉ. विष्णुदत्त शर्मा एवं पवई विधायक प्रहलाद लोधी के प्रयासों से पवई को लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल के नवीन भवन की सौगात मिली थी। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत इस परियोजना का भूमिपूजन और शिलान्यास विधानसभा चुनाव 2023 से पूर्व कटनी मार्ग स्थित अरण्य भवन के पीछे किया गया था। उद्देश्य क्षेत्र की जनता को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था।निर्माण एजेंसी के अनुसार यह भवन लगभग 11 माह में पूर्ण होना था, लेकिन निर्माण कार्य निर्धारित समय से काफी पीछे रहा। करीब चार वर्ष बीत जाने के बाद भवन का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय गुजरने के बाद भी इसका लोकार्पण और संचालन शुरू नहीं हो सका है।

ऐसे में क्षेत्रवासियों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर अस्पताल भवन जनता के लिए कब खोला जाएगा। गौरतलब है कि गुरुवार को पन्ना कलेक्टर द्वारा नवीन अस्पताल भवन का निरीक्षण एवं भ्रमण भी किया गया है। कलेक्टर के दौरे के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि अस्पताल भवन के लोकार्पण एवं संचालन को लेकर जल्द कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उद्घाटन में हो रही देरी के कारण क्षेत्र की जनता आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है। वहीं भवन की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि भवन की कुछ दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस संबंध में निर्माण एजेंसी द्वारा बाउंड्रीवाल न होने को कारण बताया गया है,

लेकिन नागरिकों का मानना है कि उद्घाटन से पहले ही भवन में दरारें दिखाई देना निर्माण गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि भवन पूर्ण रूप से तैयार है तो उसका शीघ्र लोकार्पण कर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जानी चाहिए। साथ ही निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच भी कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।जनता अब यह जानना चाहती है कि वर्षों के इंतजार के बाद तैयार हुए इस अस्पताल भवन का उद्घाटन आखिर कब होगा और क्षेत्र को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ कब मिल सकेगा।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पन्ना कलेक्टर ने नवीन अस्पताल भवन का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बावजूद अभी तक अस्पताल के लोकार्पण एवं संचालन की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है।निर्माण में हुई देरी और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों को लेकर प्रशासन, निर्माण एजेंसी तथा जनप्रतिनिधियों से जवाब की अपेक्षा की जा रही है।