सोनकच्छ। अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की होम डिलीवरी तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) के विरोध में बुधवार को सोनकच्छ के मेडिकल व्यापारियों ने सांकेतिक हड़ताल करते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं। इस दौरान मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सोनकच्छ तहसीलदार नेहा शाह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि बिना स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों के ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। साथ ही छोटे केमिस्ट एवं दवा व्यापारियों के अस्तित्व पर भी संकट उत्पन्न हो रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न ऑनलाइन कंपनियां वर्षों से नियमों के अभाव का फायदा उठाकर दवाओं की बिक्री कर रही हैं।
मेडिकल व्यापारियों ने कहा कि कोविड काल में जारी अधिसूचनाओं का दुरुपयोग करते हुए कई ई-कॉमर्स कंपनियां अब भी अवैध रूप से दवाओं की होम डिलीवरी कर रही हैं। उन्होंने शासन से मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में GSR 817(E) एवं GSR 220(E) अधिसूचनाओं को तत्काल प्रभाव से वापस लेने तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा की जा रही अत्यधिक छूट एवं प्रिडेटरी प्राइसिंग पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है।
मेडिकल एसोसिएशन ने कहा कि देशभर के केमिस्ट एवं दवा विक्रेता स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और कोविड महामारी जैसे कठिन समय में भी उन्होंने दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ज्ञापन देने में सोनकच्छ मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं दवा व्यापारी उपस्थित रहे।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सोनकच्छ के मेडिकल व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें, मेडिकल एसोसिएशन द्वारा सोनकच्छ तहसीलदार नेहा शाह को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा












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