देवास | दिलीप सोलंकी |
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कालानी बाग सेंटर देवास में योग शिक्षिका अर्चना शर्मा का ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी के सानिध्य में पुष्पमालाओं से सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्हें भगवान नारायण की तस्वीर भी भेंट की गई।
अपने आशीर्वचन में ब्रह्माकुमारी प्रेमलता दीदी ने कहा कि सेवाएं अनेक प्रकार की होती हैं, लेकिन सबसे श्रेष्ठ सेवा मनुष्य आत्माओं को दुखों और पीड़ाओं से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि ऐसा सेवा कार्य करना चाहिए जिससे व्यक्ति सदा सुखी रह सके। वर्तमान समय में इस प्रकार की आध्यात्मिक सेवा की अत्यंत आवश्यकता है।
दीदी ने कहा कि समाज सेवा हमारा नैतिक कर्तव्य है और सेवा का आधार पवित्र मन तथा निस्वार्थ भावना होती है। इसलिए सेवा हमेशा मन लगाकर और समर्पण भाव से करनी चाहिए। जिस सेवा से दूसरों को सुख और शांति मिले, वही वास्तविक सेवा कहलाती है। यदि मन में पवित्रता और सेवा का भाव नहीं है तो की गई सेवा का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी अपुलश्री दीदी, हेमा वर्मा बहन, विवेक भाई, एकता बहन, राम भाई सहित केंद्र से जुड़े अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे।












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