धार – धार महू लोकसभा क्षेत्र में शिक्षा और आधारभूत विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। माननीय सांसद एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के सतत प्रयासों से लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में विकास कार्यों हेतु 142 करोड़ 65 लाख 36 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि मध्य प्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग के माननीय कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा जारी की गई है।
लोकसभा क्षेत्र में स्वीकृत राशि के अंतर्गत धार विधानसभा के 7, गंधवानी विधानसभा के 6, सरदारपुर विधानसभा के 6, कुक्षी विधानसभा के 9 तथा मनावर विधानसभा के 8 हाई स्कूलों में विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्य किए जाएंगे। इन विद्यालयों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, छात्र-छात्राओं हेतु आवश्यक सुविधाएं तथा अन्य आधारभूत विकास कार्य संपादित किए जाएंगे, जिससे आदिवासी अंचल के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।
माननीय सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर जी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री जी की सोच है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे और शिक्षा के माध्यम से हर वर्ग को सशक्त बनाया जाए। इसी संकल्प के साथ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
श्रीमती सावित्री ठाकुर जी ने मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास, शिक्षा के विस्तार तथा ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं।
माननीया श्रीमती सावित्री ठाकुर जी ने जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह जी के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं सकारात्मक पहल से लोकसभा क्षेत्र को यह बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर वातावरण मिलेगा तथा आदिवासी अंचलों में शिक्षा और विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।
