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वन महोत्सव के अवसर पर दक्षिण पन्ना वनमंडल में “शीतल मुक्तिधाम अभियान” का शुभारंभ, अंतिम यात्रा के मार्ग को मिलेगी हरियाली और शीतल छाया

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वन महोत्सव के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम अभियान” अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा एक नई सामाजिक एवं पर्यावरणीय पहल “शीतल मुक्तिधाम” का शुभारंभ किया गया। पहल की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को शाहनगर वन परिक्षेत्र के ग्राम वन समिति महेबा अंतर्गत झिलमिला दौवा शांति धाम से हुई, जहाँ फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर ग्राम समिति अध्यक्ष भूरा बंजारा, स्थानीय जनप्रतिनिधि वंश गोपाल यादव, रतन सिंह यादव, जगत यादव, केशव प्रसाद दहायत सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। पौधारोपण कार्यक्रम का संचालन वनरक्षक प्रेम नारायण वर्मा द्वारा किया गया।

दक्षिण पन्ना वनमंडल द्वारा प्रारंभ किए जा रहे “शीतल मुक्तिधाम अभियान” का उद्देश्य ऐसे मुक्तिधाम एवं शांति धामों को हरित एवं छायादार बनाना है, जहाँ वर्तमान में पर्याप्त वृक्ष नहीं होने के कारण विशेषकर ग्रीष्मकाल में अंतिम संस्कार हेतु आने वाले लोगों को भीषण गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। तेजी से बढ़ने वाले उपयुक्त छायादार एवं फलदार वृक्षों का रोपण और उनका संरक्षण सुनिश्चित कर इन स्थलों को आने वाले वर्षों में अधिक सम्मानजनक, शांत एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। यह केवल पौधारोपण का अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा और संवेदनशीलता का एक मानवीय प्रयास है, जिसका लाभ वर्षों तक हजारों लोगों को मिलेगा।

अभियान के प्रथम चरण में इस वर्ष 10 मुक्तिधाम एवं शांति धामों का चयन किया गया है। प्रत्येक स्थल का व्यावहारिक मूल्यांकन स्थानीय आवश्यकता, उपलब्ध भूमि, पौधों की संख्या, जनसहभागिता तथा न्यूनतम लागत के आधार पर किया गया है। प्राप्त अनुभव, जनसमर्थन एवं फीडबैक के विश्लेषण के उपरांत आगामी वर्ष इस अभियान का विस्तार कर दक्षिण पन्ना वनमंडल के सभी उपयुक्त मुक्तिधामों एवं शांति धामों को क्रमिक रूप से “शीतल मुक्तिधाम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अभियान की एक विशेषता यह भी है कि पौधारोपण कार्य हेतु आवश्यक धनराशि मुख्यतः वन विभाग द्वारा एकत्रित प्लास्टिक कचरे के विक्रय से प्राप्त राशि से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही स्थानीय ग्रामवासियों, ग्राम वन समितियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्वयंसेवियों के सहयोग से पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सके।

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