संवाददाता : नरेंद्र चौहान
धरमपुरी में एएनएम कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ (म.प्र.) ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एएनएम कर्मचारियों को पुनः नर्सिंग केडर में शामिल करने सहित कई प्रमुख मांगें उठाई गईं।
संघ का कहना है कि वर्ष 2016 से बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) एएनएम को नर्सिंग केडर से अलग कर दिया गया है, जबकि वर्तमान में भी वे नर्सिंग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। एएनएम कर्मचारियों द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, एएनसी जांच, जन्म से 16 वर्ष तक बच्चों का टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, डिलीवरी तथा शिफ्ट ड्यूटी जैसी जिम्मेदारियां निभाई जा रही हैं।
संघ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू, चिकनगुनिया, पोलियो और कोविड-19 जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी एएनएम बहनों की अहम भूमिका रही है।
नेटवर्क समस्या से बढ़ी परेशानी
ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम कर्मचारियों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कमजोर नेटवर्क के कारण कई बार उनकी सार्थक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती, जिससे कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एएनएम कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- एएनएम को पुनः नर्सिंग केडर में शामिल किया जाए
- वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 3200 रुपये किया जाए
- नेटवर्क समस्या को देखते हुए उपस्थिति प्रणाली में राहत दी जाए
संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो एएनएम कर्मचारी शासकीय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्य बंद करने को मजबूर होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
संघ ने यह भी बताया कि एएनएम का नर्सिंग डिप्लोमा शासन द्वारा पंजीकृत है तथा हर पांच वर्ष में उसका नवीनीकरण भी किया जाता है।












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