दक्षिण पन्ना वनमंडल के पवई वन परिक्षेत्र में सागर सोनी द्वारा कैमरे में कैद किया गया शिकरा भारत के सबसे सामान्य किंतु अत्यंत कुशल शिकारी पक्षियों में से एक है। बाज़ परिवार का यह पक्षी अपनी तीव्र दृष्टि, तेज उड़ान और फुर्तीले शिकार कौशल के लिए जाना जाता है। शिकरा मुख्यतः छोटी चिड़ियों, छिपकलियों, गिलहरियों तथा बड़े कीटों का शिकार करता है। इसकी लाल या नारंगी आंखें तथा सीने पर बनी महीन धारियां इसकी प्रमुख पहचान हैं।
रोचक तथ्य यह है कि शिकरा घने जंगलों के साथ साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से देखा जा सकता है। यह अक्सर किसी ऊंचे पेड़ या बिजली के तार पर शांत बैठकर अपने शिकार पर नजर रखता है और अवसर मिलते ही बिजली की गति से हमला करता है। पारिस्थितिकी तंत्र में शिकरा की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि यह छोटे जीवों की संख्या को संतुलित बनाए रखने में सहायता करता है। इसकी उपस्थिति किसी क्षेत्र के स्वस्थ एवं संतुलित प्राकृतिक वातावरण का संकेत मानी जाती है।












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