संवाददाता- -रामबाबू चौहान
राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीती रात स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई। सड़क दुर्घटना में घायल युवकों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। उपचार नहीं मिलने से
नाराज लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जिम्मेदारों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
करीब एक घंटे से अधिक समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जिसे बाद में पुलिस और जनप्रतिनिधियों की समझाइश से शांत कराया गया। जानकारी के अनुसार संडावता निवासी कमल पुत्र जगन्नाथ कुशवाह नलखेड़ा से शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। इसी दौरान समीपस्थ ग्राम नांदनी के पास उनकी बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में कमल सहित अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल छापीहेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन यहां पहुंचने पर अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला।
लापरवाही,,,,
डॉक्टर नहीं थे, केवल रेफरल पर्ची बनाई पूछताछ में सामने आया कि घायलों के लिए केवल रेफरल पर्ची बना दी गई थी, जबकि दोनों डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। पार्षद राजेश कुशवाहा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में न तो डॉक्टर मौजूद थे, और न ही किसी जिम्मेदार ने पर्ची पर हस्ताक्षर किए। बिना जांच के ही मरीजों को अन्य स्थानों पर ले जाया गया, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की जानकारी सार्वजनिक की जाए और अनुपस्थित रहने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण खटीक, बंटी भामी, नीरज सेठिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने विधायक से मोबाइल पर चर्चा कर मामले से अवगत कराया, जिसके बाद समझाइश के बाद अस्पताल का ताला खुलवाया गया। हालांकि तब तक घायलों को बिना उपचार के ही अन्य अस्पतालों में ले जाया जा चुका था।
वही डॉ धर्मराज पच्चीसीया का कहना की
हम दो ही डॉक्टर हैं। जरूरी काम होने पर कभी-कभी बाहर भी जाना पड़ता है। कई बार दोनों डॉक्टरों को एक साथ पेशी पर जाना होता है। मैं खिलचीपुर में भी कार्य देख रहा हूं। रात में खाना खाने गया था, इस दौरान ड्रेसर ने टांके और पट्टी की थी।
