इंदौर से संतोष व्यास
सांवेर तहसील की जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले गांव खामोद गवाला में मृत पशुओं की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। गांव के पास खुले क्षेत्र में मरे हुए गाय-बैल फेंके जाने से बदबू और सड़ांध फैल रही है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। आवारा कुत्ते मृत पशुओं को नोच रहे हैं, जिसके कारण गांव में महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर सरपंच, जनपद पंचायत CEO, SDM कार्यालय और CM हेल्पलाइन 181 पर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी बिना मौके पर पहुंचे ही शिकायतों को “निराकृत” बताकर बंद कर देते हैं।
ग्रामीण विजय सिंह जाधव ने आरोप लगाया कि पोर्टल पर समस्या का समाधान दिखा दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीणों को खुद ही व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि विजय सिंह जाधव ने अपने खर्चे पर रात में JCB बुलवाकर मृत पशुओं को गड्ढा खोदकर दफन कराया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार फैल रही बदबू और गंदगी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृत पशुओं के निस्तारण के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि गांव में स्वच्छता बनी रहे और महामारी जैसी स्थिति पैदा न हो।
