तराना तहसील कार्यालय के चौकीदार के खेत पर अंधाधुंध तरीके से हरे-भरे वृक्षों की कटाई जारी है। पर्यावरण संरक्षण के दावे करने वाले जिम्मेदार विभागों की आंखों के सामने पेड़ों पर आरी चल रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति दिखाई दे रही है।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा एसडीएम को शिकायत भी की गई, लेकिन शिकायत को सिरे से खारिज कर दिया गया। इससे ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि एक ओर शासन लाखों रुपये खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर खुलेआम पेड़ों की कटाई होने से “वृक्ष लगाओ, वर्षा लाओ” का नारा खोखला साबित हो रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कदम उठाता है या फिर जिम्मेदारों पर मेहरबानी यूं ही जारी रहेगी।
