सगे भाइयों के हत्यारे पिता-पुत्र को ‘फांसी’ की सजा

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जमीनी विवाद और जन्मदिन में न बुलाने पर हुआ था विवाद।

अनूप कुमार शुक्ला

पन्ना खून के रिश्तों को शर्मसार करने वाले देवेंद्रनगर के गोल्डी मुड़िया गांव के दोहरे हत्याकांड में कानून ने एक ऐतिहासिक मिशाल पेश की है। अदालत ने अपने ही दो सगे भाइयों की हत्या और मां को लहूलुहान करने वाले आरोपी पिता चरन सिंह राजपूत और उसके बेटे शुभम सिंह को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है।

घटना ​27 मई 2023 की है जब एक मासूम के जन्मदिन की खुशियां गोलियों की तड़तड़ाहट से मातम में बदल गई थीं। जमीनी विवाद की रंजिश में अंधे होकर पिता-पुत्र ने नरेंद्र और महेंद्र सिंह की निर्मम हत्या कर दी थी। न्यायाधीश सुरेंद्र मेश्राम की अदालत ने इस कृत्य को ‘जघन्यतम’ श्रेणी का मानते हुए स्पष्ट किया कि रिश्तों का कत्ल करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। ​इस मामले में सबसे बड़ी जीत ‘सत्य’ की हुई, जहां आरोपियों के अपने माता रिस्तेदार ने ही कोर्ट में उनके खिलाफ गवाही दी। पुलिस की सटीक विवेचना और अभियोजन के मजबूत तर्कों ने अंततः कातिलों को फांसी के फंदे तक पहुंचा दिया। यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए मरहम है, बल्कि अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी।

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