अनूपपुर जिला मुख्यालय का सबसे व्यस्त स्टेशन रोड बाजार इन दिनों अतिक्रमण की चपेट में है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान सड़क तक फैला रखा है, जिससे आम लोगों के लिए निकलना तक मुश्किल हो गया है। बुधवार रात करीब 9 बजे की तस्वीरें बताती हैं कि सड़क पर हालात कितने बदतर हैं। चार पहिया और दो पहिया वाहन रेंगते नजर आए, लोग जाम में फंसे रहे और पैदल चलने वालों को भी सड़क पर जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ा।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका का अतिक्रमण विरोधी अमला आखिर कर क्या रहा है? क्या अधिकारियों को यह अव्यवस्था दिखाई नहीं देती, या फिर कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है? यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
यातायात विभाग की जिम्मेदारी केवल चालान काटने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब सड़कें ही अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएं, तब यातायात व्यवस्था कैसे सुचारु रहेगी? रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
👉 प्रशासन से मांग है कि तत्काल संयुक्त अभियान चलाकर सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए, दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी जाए और दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आम जनता को जाम और अव्यवस्था से राहत दिलाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
क्या आप भी स्टेशन रोड की इस समस्या से परेशान हैं? आपकी नजर में जिम्मेदार कौन—नगर पालिका, यातायात विभाग या दोनों? अपनी राय जरूर दें और इस पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करें ताकि जिम्मेदार अधिकारियों तक जनता की आवाज पहुंचे।












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