नटेरन। ग्राम पंचायत नटेरन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार आरोप है कि पंचायत ने मांगलिक भवन के ग्राउंड को ही कथित तौर पर नदी से निकाली गई अवैध रेत का भंडारण स्थल बना दिया। मामले को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से कलेक्टर विदिशा के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मांगलिक भवन परिसर में बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण किया गया है। उनका कहना है कि यदि यह रेत बिना वैध अनुमति, रॉयल्टी और खनिज विभाग की स्वीकृति के नदी से निकाली गई है, तो यह केवल खनिज नियमों का उल्लंघन नहीं बल्कि शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला भी है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि रेत किस नदी और किस स्थान से लाई गई, उसके खनन, परिवहन और भंडारण के लिए कौन-कौन सी वैधानिक अनुमति ली गई थी तथा रॉयल्टी का भुगतान किया गया था या नहीं। यदि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करते हुए शासन को हुई राजस्व हानि की वसूली की जाए।
ग्रामीणों ने ज्ञापन के साथ फोटो एवं अन्य साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या यह मामला भी जांच की फाइलों में दबकर रह जाएगा। क्षेत्र के लोगों की निगाहें अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
मांगलिक भवन बना अवैध रेत का भंडार? ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग












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