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अमरकंटक। प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा एवं पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग पर बुधवार, 15 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे के बाद आधे घंटे तक झमाझम मूसलाधार वर्षा हुई। पांच दिनों के अंतराल के बाद हुई इस बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया और संपूर्ण क्षेत्र को शीतलता व ताजगी से भर दिया।
बीते कुछ दिनों से वर्षा नहीं होने के कारण वातावरण में उमस और हल्की गर्मी महसूस की जा रही थी। दोपहर तक आसमान में बादलों और धूप की आंख-मिचौली चलती रही, लेकिन दोपहर बाद नीले आकाश पर काले घने मेघों ने डेरा जमाया और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। मेघों की रिमझिम और झमाझम फुहारों ने प्रकृति को मानो नवजीवन प्रदान कर दिया। वर्षा के बाद चारों ओर हरियाली निखर उठी और वातावरण अत्यंत मनोहारी, रमणीय एवं सुहावना हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 125 रहा। संध्या लगभग 5 बजे के बाद भी रिमझिम वर्षा का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में शीतल हवाएं बहने लगीं और मौसम और अधिक आनंददायक हो गया।
इन दिनों आषाढ़ मास प्रारंभ होने के कारण अमरकंटक में पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अपेक्षाकृत कम है। इसके बावजूद बारिश के बाद मां नर्मदा उद्गम क्षेत्र, पर्वत श्रृंखलाओं और घने वनों का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है। वर्षा की फुहारों से सराबोर अमरकंटक का अलौकिक एवं मनोरम स्वरूप श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।