अनूपपुर/राजेंद्रग्राम। धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग व्यवस्था के अंतर्गत गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड, जिला अनूपपुर के प्रदाय केंद्र राजेंद्रग्राम द्वारा सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) के दो लॉट गुणवत्ता परीक्षण में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण अस्वीकृत कर दिए गए हैं।

कॉरपोरेशन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मैसर्स हीरा मोती राइस मिल, वेंकटनगर द्वारा प्रदाय केंद्र राजेंद्रग्राम में जमा कराए गए सीएमआर चावल के लॉटों का गुणवत्ता परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान चावल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिसके चलते दोनों लॉटों को अस्वीकृत कर दिया गया।

अस्वीकृत किए गए लॉटों में—

लॉट क्रमांक 10.0000 — मात्रा 284.12 क्विंटल

लॉट क्रमांक 20.0000 — मात्रा 281.95 क्विंटल


शामिल हैं। इस प्रकार कुल 566.07 क्विंटल सीएमआर चावल को गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण रिजेक्ट किया गया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि उक्त दोनों लॉटों की सीएमआर रिजेक्शन नोट दिनांक 18 अगस्त 2026 को जारी की गई थी। इसके बाद 20 अगस्त 2026 को जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड, जिला अनूपपुर को भी इस संबंध में सूचना भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया गया।

प्रदाय केंद्र राजेंद्रग्राम द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित राइस मिल से प्राप्त सीएमआर चावल की गुणवत्ता परीक्षण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसलिए दोनों लॉटों को अस्वीकृत करने की कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और शासकीय भंडारण के लिए खरीदे एवं संग्रहित किए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में गुणवत्ता मानकों से समझौता न करते हुए संबंधित लॉटों को अस्वीकृत किया जाना विभागीय सतर्कता और खाद्यान्न गुणवत्ता नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

अब देखना यह होगा कि अस्वीकृत किए गए 566.07 क्विंटल सीएमआर चावल के संबंध में विभाग द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है तथा संबंधित राइस मिल को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप चावल उपलब्ध कराने के लिए क्या निर्देश दिए जाते हैं।