मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और इसका असर अब बारिश के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अब तक राज्य में 241.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 270.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 11 प्रतिशत बारिश की कमी है।

हालांकि राहत की खबर भी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 19 जुलाई से मौसम का मिजाज बदल सकता है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है।

आज भी 40 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश और आंधी के आसार हैं। वहीं भोपाल, ग्वालियर समेत कई शहरों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।

मौसम विभाग को उम्मीद है कि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा और बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी। फिलहाल किसानों और प्रदेशवासियों की निगाहें आने वाली बारिश पर टिकी हुई हैं।