भोपाल, 5 मई 2026 (मंगलवार)
मध्यप्रदेश सरकार की अहम कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक में किसानों, व्यापारिक समुदाय और राज्य के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी।


किसानों के लिए बड़े फैसले

  • “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को 5 वर्षों (2026-2031) के लिए ₹2442.04 करोड़ की मंजूरी
  • योजना के तहत उन्नत बीज, उत्पादन वृद्धि, प्रसंस्करण और भंडारण पर फोकस
  • जलवायु-अनुकूल खेती और टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा

➡️ यह मिशन केंद्र सरकार की पहल से जुड़ा है, जिसकी शुरुआत नरेन्द्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को की गई थी।


गेहूं खरीदी अपडेट

  • अब तक 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
  • किसानों को ₹6520 करोड़ का भुगतान
  • 40% किसानों से खरीदी पूरी
  • कुल 14.76 लाख किसानों ने स्लॉट बुक किए
  • लक्ष्य: 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी

इंदौर में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन

  • 9 से 13 जून 2026 तक इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन
  • 21 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
  • कृषि टेक्नोलॉजी, उन्नत बीज और नवाचार पर चर्चा

व्यापारियों के लिए बड़ा फैसला

  • राज्य में “राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड” के गठन को मंजूरी
  • मुख्यमंत्री होंगे अध्यक्ष
  • जिला स्तर पर समितियां भी बनेंगी
  • लक्ष्य: व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद

श्रमिकों के लिए नई व्यवस्था

  • श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम” लागू
  • उद्योग अपने उत्पादों पर रेटिंग दर्शाएंगे
  • अब तक 514 उद्योग जुड़े
    ➡️ इससे उपभोक्ता जान सकेंगे कि किस कंपनी में श्रमिकों के लिए कैसी सुविधाएं हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश

  • सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए ₹32,405 करोड़ मंजूर
  • ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए ₹24,300 करोड़
  • सड़क सुरक्षा योजनाओं के लिए अलग फंड

अन्य अहम फैसले

  • आंगनवाड़ी और बाल संरक्षण योजनाओं के लिए ₹2412 करोड़
  • आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर के लिए ₹1295 करोड़
  • भोपाल के पास 200 एकड़ में सेमीकंडक्टर क्लस्टर विकसित होगा
  • स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) के लिए ₹526 करोड़

निष्कर्ष

कैबिनेट के फैसले स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि सरकार कृषि, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस कर रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिलेगा।