पन्ना। मध्य प्रदेश शासन और लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-अटेंडेंस व्यवस्था अब दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। पन्ना जिले के पवई विकासखंड से सामने आया एक वीडियो इस व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है, जिसमें एक शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए उफनते नाले को पार करते समय तेज बहाव में बहने लगता है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो शासकीय पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संकुल पवई से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुटरहिया का बताया जा रहा है। क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण नाले उफान पर हैं और आवागमन प्रभावित है।

बताया गया कि मंगलवार को शिक्षक सुनंदी चौधरी विद्यालय पहुंचने के लिए उफनते नाले को पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बहने लगे। पास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल मदद कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के कारण शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंच सके और उनकी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो सकी।

सड़क और नेटवर्क दोनों का संकट

पवई विकासखंड के कई दूरस्थ विद्यालयों में यही स्थिति बनी हुई है। शासकीय माध्यमिक शाला कैमुरिया तक पहुंचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही मोबाइल नेटवर्क की पर्याप्त सुविधा। शिक्षकों को कई बार नेटवर्क मिलने की उम्मीद में स्थान बदलना पड़ता है। विद्यालय पहुंचने के लिए बांध पार करना और बिना सड़क वाले पहाड़ी रास्तों से गुजरना पड़ता है, जो बारिश के मौसम में बेहद जोखिम भरा हो जाता है।

शिक्षकों की मांग

शिक्षकों का कहना है कि वे नियमित रूप से शिक्षण कार्य के अलावा जनगणना, चुनाव और अन्य शासकीय दायित्व पूरी निष्ठा से निभाते हैं। लेकिन नेटवर्क और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर वेतन कटौती जैसी कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्रों में यह व्यवस्था संभव है, लेकिन दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए अलग व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।

अधिकारी ने क्या कहा?

विकासखंड शिक्षा अधिकारी पवई हाकम सिंह यादव ने बताया कि ई-अटेंडेंस से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जिले में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति नेटवर्क, बारिश और आवागमन जैसी समस्याओं का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की है कि बारिश के मौसम में किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जोखिम उठाकर यात्रा न करें।