पन्ना। सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना में आज "जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद कार्यक्रम" का शुभारंभ किया गया। उक्त कार्यक्रम मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग, सृजन, यूएनएफपीए (UNFPA), एवं जन साहस संस्था सहयोगी संस्थाओं के रूप में सहभागिता कर रही हैं।

उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाते हुए कक्षा 11वीं एवं 12वीं के स्कूली छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की सामाजिक सुरक्षा क्षमता का विकास करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक अधिकार, कानून की नींव, आपराधिक कानून किस प्रकार न्याय एवं सुरक्षा प्रदान करते हैं, अधिकारों की रक्षा करने वाले प्रमुख कानून, साइबर सुरक्षा एवं इंटरनेट का जिम्मेदार उपयोग, सड़क सुरक्षा, नशा एवं हथियारों के दुष्प्रभाव, आपराधिक न्याय व्यवस्था तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही छात्र-छात्राओं को पुलिस स्टेशन एवं पुलिस कंट्रोल रूम का भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे वे पुलिस की कार्यप्रणाली को निकट से समझ सकें।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री वंदना सिंह चौहान, उप पुलिस अधीक्षक खिलावन सिंह कंवर, मास्टर ट्रेनर एवं एस.डी.ओ.पी. पवई श्रीमती भावना सिंह दांगी तथा महिला थाना प्रभारी स्मिता सिंह उपस्थित रहीं। शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत, प्राचार्य जयकरण पटेल तथा प्रशिक्षक शिक्षक अजय कुमार राय एवं मनोज कुमार खरे द्वारा कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय किया गया।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना सुश्री वन्दना सिंह चौहान द्वारा छात्र-छात्राओं को कानून, बाल अधिकार, सड़क सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), साइबर अपराध एवं लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन देते हुए जागरूक किया गया। प्रथम दिवस के प्रशिक्षण सत्र में एस.डी.ओ.पी. पवई श्रीमती भावना सिंह दांगी एवं अन्य दो प्रशिक्षक शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों पर संवादात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उक्त कार्यक्रम 14 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षकों द्वारा उपरोक्त विषयों पर विस्तृत चर्चा, संवादात्मक सत्र एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्र-छात्राओं में कानून के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नागरिक कर्तव्यों की भावना का विकास हो सके।