शाजापुर। सागर जिले में शराब से हुई मौतों के बाद अब शाजापुर जिले में भी आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। कार्रवाई के दूसरे दिन आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम ने कंजर डेरों में दबिश देकर बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बनाने के लिए तैयार किया गया लहान जब्त कर मौके पर नष्ट किया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जिन इलाकों में लंबे समय से कच्ची शराब बनाए जाने और पोटलियों में बेचने की चर्चाएं हैं, वहां पहले प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।


आबकारी विभाग ने मंगलवार को कलेक्टर ऋजु बाफना एवं पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन और जिला आबकारी अधिकारी आरसी बारोड़ के निर्देशन में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर नियंत्रण के लिए बंगाली कंजर डेरा, माधोपुर कंजर डेरा एवं देवड़ा कंजर डेरा में संयुक्त दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान करीब 5600 लीटर लहान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 लाख 63 हजार रुपए बताई गई। लहान को मौके पर फैलाकर नष्ट किया गया।


विभाग ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(च) के तहत कार्रवाई करते हुए एक प्रकरण में 25 कैन बीयर टेट्रा 500 एमएल जब्त की। विभाग के अनुसार इस तरह कुल छह प्रकरण दर्ज किए गए।


कच्ची शराब बनाने में सामान्य तौर पर गुड़, महुआ, खाद आदि सामग्री से लहान तैयार कर उसे भट्ठियों पर उबाला जाता है। इसके बाद तैयार शराब को छोटी पोटलियों में भरकर कम कीमत पर बेचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीण और कंजर डेरों से जुड़ी इन गतिविधियों पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की जरूरत है।


सागर की घटना के बाद प्रदेश स्तर पर अवैध शराब के खिलाफ सख्ती बढ़ी है। ऐसे में शाजापुर में शुरू हुई कार्रवाई ‘चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात’ साबित न हो, इसके लिए अभियान को लगातार जारी रखना चुनौती होगी। आबकारी विभाग ने भी अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और विक्रय के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही है।