टीकमगढ़। श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार पर प्रसिद्ध शिवधाम कुंडेश्वर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे प्रधान पुजारियों द्वारा भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया गया। करीब एक घंटे तक चले अभिषेक के बाद सुबह 5 बजे गर्भगृह भक्तों के लिए खोल दिया गया।

मंदिर खुलते ही 'बम-बम भोले' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयकारों के साथ दर्शन और जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। मंदिर ट्रस्ट द्वारा महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी।

सुबह से हो रही रिमझिम बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। रविवार देर रात से ही दूर-दराज से कांवड़िए कुंडेश्वर पहुंचने लगे थे। टीकमगढ़ से कुंडेश्वर मार्ग पर जगह-जगह प्रसाद वितरण और स्वागत की व्यवस्था की गई थी।

सावन के अंतिम सोमवार पर कुंडेश्वर के अलावा शहर के प्रतापेश्वर मंदिर, सिद्ध बाबा मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव सहित सभी प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।