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धार जिले के खलघाट में श्रावण माह के दौरान नर सेवा ही नारायण सेवा की मिसाल देखने को मिली। नर्मदा तट पर दूर-दराज से पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने में प्रधान आरक्षक अजय सोलंकी की भूमिका की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की।
श्रावण माह शुरू होते ही खलघाट के नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंचते हैं। महिला, पुरुष और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालु नर्मदा जल लेकर शिवालयों की ओर रवाना होते हैं। खासकर प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ जाती है।
इसी दौरान खलघाट के प्रमुख चौराहे और हाईवे पर यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है। ऐसे में यातायात पुलिस चौकी पर पदस्थ प्रधान आरक्षक अजय सोलंकी पूरे श्रावण माह में पूरी सजगता और निष्ठा के साथ अपनी ड्यूटी निभाते नजर आए।
नर्मदा तट से लेकर हाईवे चौराहे तक कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और यातायात को व्यवस्थित रखने में उन्होंने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। महिला और बच्चों सहित कांवड़ लेकर गुजर रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
अजय सोलंकी की सादगी, सजगता और सेवा भावना से प्रभावित होकर कई कांवड़ यात्रियों ने उनके कार्य की प्रशंसा की और पुलिस की इस मानवीय भूमिका को सराहा।
श्रावण माह में हजारों श्रद्धालुओं के बीच ड्यूटी के साथ सेवा भावना का यह अंदाज निश्चित तौर पर खाकी की सकारात्मक तस्वीर पेश करता है। कर्तव्य के साथ इंसानियत—यही है नर सेवा, नारायण सेवा।