टीकमगढ़।  स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा बुधवार को सामने आया। ट्रांसफर रुकवाने के लिए एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने प्रभारी मंत्री के नाम से AI की मदद से फर्जी पत्र तैयार कर दिया। मामले का खुलासा होते ही कलेक्टर ने आरोपी कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया।

AI से तैयार किया फर्जी पत्र  
यह मामला टीकमगढ़ जिले के स्वास्थ्य केंद्र गोर में पदस्थ MPW केएल बंशकार से जुड़ा है। 7 जुलाई 2026 को उनका तबादला स्वास्थ्य केंद्र दरगुवां के लिए किया गया था। अपना ट्रांसफर निरस्त कराने के लिए बंशकार ने प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के नाम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से एक फर्जी पत्र बना लिया।

गलत नाम से पकड़ा गया फर्जीवाड़ा  
आरोपी ने यह फर्जी पत्र सीएमएचओ डॉ. ओपी अनुरागी को सौंप दिया, जिसमें ट्रांसफर आदेश रद्द करने के निर्देश लिखे थे। सीएमएचओ ने बिना जांचे पत्र की नोटशीट कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के पास भेज दी।

कलेक्टर ने पत्र पढ़ते ही गड़बड़ी पकड़ ली। पत्र में मंत्री का नाम 'कृष्णा गौर' की जगह 'कृण्णा गौर' लिखा था। नाम में हुई इस गलती से कलेक्टर को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए।

कलेक्टर ने किया निलंबित, SP से होगी जांच  
जांच में पूरा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कलेक्टर ने बुधवार को केएल बंशकार को निलंबित कर दिया। कलेक्टर श्रोत्रिय ने बताया कि चूंकि मामला प्रभारी मंत्री के नाम से जुड़ा है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच के लिए टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। अब पुलिस पता करेगी कि इस फर्जीवाड़े में निलंबित कर्मचारी के अलावा और कौन-कौन शामिल है।